बैठे बैठे भीग जाती है पलकें दर्द छुपाना नहीं आता
मुस्कुराते हैं हम, मगर अंदर से वीराने।
कुछ लड़के टूटे कांच की तरह टूट के बिखर जाते है
हमने कभी तुमसे दूर जाने की कल्पना भी नहीं की थी,
तेरी मोहब्बत अधूरी रह गई, पर मेरी तन्हाई पूरी हो गई।
रिश्तों की दुनियां अजीब होती है, जहाँ दिल भर जाता है, वहां लोग छोड़ देते हैं।
कभी-कभी सोचता हूं कि तुझे भूल जाऊं, फिर दिल कहता है कि तू जीने की वजह थी।
वो जो कहते थे कभी तुम्हें छोड़ नहीं सकते, आज उन्होंने ही हमें छोड़ दिया।
दिल लगाने से अच्छा था, किताबों Sad Shayari से इश्क कर लेते, बेवफाई तो ये भी करते, मगर कम से कम पढ़ाई तो होती।
फिर किताबों से मिटाने की ज़रूरत क्या है.
जैसे दिल की धड़कन को कोई सुनने वाला नहीं है…!!!
बहुत उदास करती हैं मुझको निशानियाँ तेरी.
हम तो तुझसे अब भी मोहब्बत करते हैं, बस तुझे एहसास दिलाना छोड़ दिया।
लेकिन वो उम्मीदें टूटने के बाद अब हमें खुद से भी उम्मीद नहीं रही…!!!